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पैग़ाम है ये... ( Paigam Hai Ye.. )

पैग़ाम है ये... ( Paigam Hai Ye.. )

Paperback

General Poetry

ISBN10: 9356100519
ISBN13: 9789356100510
Publisher: Writat
Published: Apr 15 2022
Pages: 84
Weight: 0.22
Height: 0.20 Width: 5.00 Depth: 8.00
Language: Hindi
मुझे अपने स्कूल के समय से ही प्यार, दर्द, आत्मनिरीक्षण, अवसाद, अकेलापन आदि जैसे विभिन्न विषयों पर कविताएँ लिखता हूँ । इस पुस्तक में संकलित 'आजाद दिखा करो', 'चेतवानी', 'चलो कुछ करता है', 'सिर्फ एक नहीं संपूर्ण है तू' शीर्षक वाली कविताएं मेरे मार्गदर्शक, मित्र और प्रेरक के रूप में कार्य करती रही है। शब्दों का सटीक चुनाव और धाराप्रवाह रूप से पदों का स्वरुप आपको रोमांचित अवश्य करेगा । पाठकों की पसंद को देखते हुए बहुत जगह आत्मनिरिक्षण वाली पंक्तियों को सहजता से पिरोया गया है । जो की आपको इस पुस्तक को अंत तक बांधे रखेगी ।

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