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Jivan Jaisa Jiya

Jivan Jaisa Jiya

Hardcover

General Fiction

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ISBN10: 8126704705
ISBN13: 9788126704705
Publisher: Rajkamal Prakashan
Published: Nov 1 2018
Pages: 222
Weight: 1.09
Height: 0.63 Width: 6.00 Depth: 9.00
Language: Hindi
पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर की यह आत्मकथा सिर्फ उनकी निजी जि़न्दगी की कहानी नहीं है। यह उनके समय का प्रामाणिक दस्तावेज़ भी है। वे आजादी के बाद की निर्णायक राजनैतिक घटनाओं से जुड़े रहे। उन घटनाओं को एक निश्चित दिशा देने में उन्होंने ऐतिहासिक भूमिका भी निभाई। इसलिए उनकी इस आत्मकथा में उनके दौर का अनुद्घाटित इतिहास सुरक्षित है। अपने समय के अनेक व्यक्तित्वों और घटनाओं के बारे में उन्होंने ऐसी जानकारियाँ भी दी हैं जिनसे समकालीन राजनैतिक-सामाजिक इतिहास को समझने के लिए नए तथ्य प्राप्त होते हैं। बलिया के एक किसान परिवार में जनमे चन्द्रशेखर अपनी जीवन-यात्रा में अनेक पड़ावों से गुजरे। स्वाधीनता-आन्दोलन में शिरकत की। आजादी के बाद समाजवाद के लिए चलाए जानेवाले संघर्ष को आगे बढ़ाया। कांग्रेस को प्रगतिशील बनाने के लिए नए कार्यक्रम रखे। आपातकाल की जेल-यात्रा के बाद जनता पार्टी के पहले अध्यक्ष बने। जनता दल की सरकार के जाने के बाद देश के प्रधानमंत्री पद पर पहुँचे और समझौताविहीन व्यक्तित्व के कारण अन्तत इस्तीफा दिया। उदारीकरण और बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के नव साम्राज्यवाद का वे विरोध करते रहे। उनकी इस आत्मकथा में ब

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