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khushbu lutata hoon main

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Paperback

General Poetry

ISBN10: 938855664X
ISBN13: 9789388556644
Publisher: Multicultural Books & Videos
Published: Jul 10 2021
Pages: 82
Weight: 0.25
Height: 0.20 Width: 5.50 Depth: 8.50
Language: Hindi
डॉ. विष्णु सक्सेना गीत उपवन के सुरीले भ्रमर हैं। मधुबन मिले न मिले वे ख़ुशबू लुटाते रहते हैं। उनके गीतों की ख़ुशबू देश-विदेश में गुंजरित हो रही है। जो एक बार उनको सुन लेता है उनका हो जाता है। नीरज उन्हें गीत के अस्तित्व का नवनीत मानते हैं। ऐसा ही सोम जी का कहना है। बहुत बड़ी मटकी से नवनीत थोड़ा सा निकलता है। हर उम्र के युवाओं को बेहद पसंद है यह नवनीत। प्रेम संवेदनों और स्फुरणों को बड़ी मात्रा में स्थानांतरित करने का कौशल रखते हैं विष्णु के गीत। निर्मल, निष्कलुष, मनमीत। हर बार दिलजीत। मुझे उम्मीद है, यह पुस्तक आपके मुख से भी गाएगी। - अशोक चक्रधर

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