• Open Daily: 10am - 10pm
    Alley-side Pickup: 10am - 7pm

    3038 Hennepin Ave Minneapolis, MN
    612-822-4611

Open Daily: 10am - 10pm | Alley-side Pickup: 10am - 7pm
3038 Hennepin Ave Minneapolis, MN
612-822-4611
Mukti Series: Moha Se Mukti - Mohataj Na Banen, Moha Tyag Kaise Karen (Hindi)

Mukti Series: Moha Se Mukti - Mohataj Na Banen, Moha Tyag Kaise Karen (Hindi)

Paperback

General Fiction

ISBN10: 8184154674
ISBN13: 9788184154672
Publisher: Wow Publishings
Published: Jan 1 2015
Pages: 58
Weight: 0.19
Height: 0.14 Width: 5.50 Depth: 8.50
Language: Hindi
मोह विनाश पथ

क्या हम आनंद पाने के लिए किसी और के मोहताज हैं? या आनंद हमारे पास ही है?

असली आनंद तो हमारे पास ही है, उसके लिए हमें किसी और का मोहताज होने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन यह बात पता न होने के कारण हम आनंद बाहर तलाशते हैं और इसके लिए लोगों के मोहताज हो जाते हैं। कम सुविधाओं में आनंदित रह पाना सच्चा विकास है। सुविधाओं से मोह हो जाने की वजह से इंसान दूसरों का मोहताज होने लगता है। जो इंसान अपने शरीर पर अनुशासन रखता है, वह मोहताज नहीं, मोहतेज जीवन जीता है। मोहतेज यानी मोह और नफरत से परे का जीवन। मोह का जब अतिक्रमण होता है तब मोहतेज जीवन शुरू होता है।

मोह से मुक्ति पाना यानी मोह का त्याग करना, मोह त्याग तब होगा जब आप जानेंगे कि मोह मोती नहीं, मिट्टी है। मोह को भी जब आप मिट्टी जानकर परखेंगे तब मोह से मुक्ति मुश्किल नहीं लगेगी। तेज के पारखी बनकर ही मोहताजी से तलाक संभव है इसलिए तेज के पारखी बनें, मोह के नहीं।

Also in

General Fiction