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Sambhog Se Samadhi Ki Or (संभोग से समाधी की ओर: &#2332

Sambhog Se Samadhi Ki Or (संभोग से समाधी की ओर: ज

Paperback

General Fiction

ISBN10: 9352969146
ISBN13: 9789352969142
Publisher: Alpha Ed
Published: Sep 25 2019
Pages: 364
Weight: 0.93
Height: 0.75 Width: 5.50 Depth: 8.50
Language: Hindi
हंस बनने का अर्थ हैः मोतियों की पहचान आंख में हो, मोती की आकांक्षा हृदय में हो। हंसा तो मोती चुगे! कुछ और से राजी मत हो जाना। क्षुद्र से जो राजी हो गया, वह विराट को पाने में असमर्थ हो जाता है। नदी-नालों का पानी पीने से जो तृप्त हो गया, वह मानसरोवरों तक नहीं पहुंच पाता_ जरूरत ही नहीं रह जाती।
मीरा की इस झील में तुम्हें निमंत्रण देता हूं। मीरा नाव बन सकती है। मीरा के शब्द तुम्हें डूबने से बचा सकते हैं। उनके सहारे पर उस पार जा सकते हो।

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