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Suno, Agnisambhav Kavitayen (सुनो, अग्निसंभव कवि&#2340

Suno, Agnisambhav Kavitayen (सुनो, अग्निसंभव कवित

Paperback

General Poetry

ISBN10: 9359641480
ISBN13: 9789359641485
Publisher: Diamond Pocket Books Pvt Ltd
Published: Dec 13 2023
Pages: 210
Weight: 0.60
Height: 0.48 Width: 5.50 Depth: 8.50
Language: Hindi
यशस्वी कवि, कथाकार रामदरश मिश्रजी ने हिमांशुजी की कविताओं के संबंध में लिखा है, इन कविताओं को पढ़ने पर यह अहसास बराबर बना रहता है कि हिमांशुजी में काव्यात्मक संवेदना है। उनकी कविताओं में समकालीन कविता का-सा समकालीन जीवन - यथार्थ है। इनमें व्यवस्था की तमाम विसंगतियों, अमानवीय हरकतों और शोषक वृत्ति की पहचान है, साथ ही व्यवस्था से उपजी हुई आम आदमी की यातना, बेबसी और आग का अहसास है । 'सुनो, अग्निसम्भव', 'आग की फसल', 'सूखी नदी में', 'तुम्हारा ही इतिहास', 'गाँव चार चित्र' आदि अनेक कविताएँ इसी मिजाज की हैं।

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