• Open Daily: 10am - 10pm
    Alley-side Pickup: 10am - 7pm

    3038 Hennepin Ave Minneapolis, MN
    612-822-4611

Open Daily: 10am - 10pm | Alley-side Pickup: 10am - 7pm
3038 Hennepin Ave Minneapolis, MN
612-822-4611
Vardan (वरदान)

Vardan (वरदान)

Paperback

Classic Fiction

ISBN10: 8171829074
ISBN13: 9788171829071
Publisher: Diamond Pocket Books Pvt Ltd
Published: May 6 2024
Pages: 122
Weight: 0.36
Height: 0.29 Width: 5.50 Depth: 8.50
Language: Hindi
वरदान दो प्रेमियों की दुखांत कथा है। ऐसे दो प्रेमी जो बचपन में साथ-साथ खेले, जिन्होंने तरुणाई में भावी जीवन की सरल और कोमल कल्पनाएं संजोईं, जिनके सुन्दर घर के निर्माण के अपने सपने थे और भावी जीवन के निर्धारण के लिए अपनी विचारधारा थी। किन्तु उनकी कल्पनाओं का महल शीघ्र ढह गया। विश्व के महान कथा-शिल्पी प्रेमचन्द के उपन्यास वरदान में सुदामा अष्टभुजा देवी से एक ऐसे सपूत का वरदान मांगती है, जो जाति की भलाई में संलग्न हो। इसी ताने.बाने पर प्रेमचन्द की सशक्त कलम से बुना कथानक जीवन की स्थितियों की बारीकी से पड़ताल करता है। सुदामा का पुत्र प्रताप एक ऐसा पात्र है जो दीन-दुखियोंए रोगियोंए दलितों की निस्वार्थ सहायता करता है।इसमें विरजन और प्रताप की प्रेम-कथा भी हैए और है विरजन तथा कमलाचरण के अनमेल विवाह का मार्मिक प्रसंग। इसी तरह एक माधवी हैए जो प्रताप के प्रति भाव से भर उठती हैए लेकिन अंत में वह सन्यासी जो मोहपाश में बांधने की जगह स्वयं योगिनी बनना पसंद करती हैं।

Also from

Premchand

Also in

Classic Fiction