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Kab Hogi Bhet

Kab Hogi Bhet

Paperback

General Drama

ISBN13: 9798885303712
Publisher: Harpercollins 360
Published: Mar 9 2022
Pages: 122
Weight: 0.28
Height: 0.26 Width: 5.00 Depth: 8.00
Language: Hindi

सींग कटा कर नाटक मंडली के बछड़ों में शामिल हुए थे परमानंद काका, पर ऐन मौके पर बीमार पड़ गये और आवाज तक बैठ गयी। ऐसे में रुकुमा का प्रवेश होता है। रुकुमा का कहॉं तो एकदम व्]यवस्थित धरेलू जीवन था। शादी पहले से ही तय थी। और यहाँ नाटक मंडली में स्]टेज में लड़की का भेष धारे गजेन्]द्र से टकराती है। प्]यार में ऐसे डूबती है कि सब संयम दरकिनार हो जाते हैं।

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