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Karamyog by Swami Vivekanand

Karamyog by Swami Vivekanand

Paperback

Holiday

ISBN10: 9361912763
ISBN13: 9789361912764
Publisher: Swan Books
Published: Aug 18 2024
Pages: 106
Weight: 0.29
Height: 0.25 Width: 5.50 Depth: 8.50
Language: Hindi
कर्मयोग स्वामी विवेकानंद द्वारा रचित एक प्रेरणादायक पुस्तक है, जो कर्म और आध्यात्मिकता के गहन संबंध को स्पष्ट करती है। यह ग्रंथ कर्म के महत्व, उसके सही स्वरूप और उसे योग के रूप में अपनाने की विधि को सरल और प्रभावी तरीके से समझाता है। स्वामी विवेकानंद का मानना है कि कर्म न केवल जीवन का अनिवार्य हिस्सा है, बल्कि यह ईश्वर तक पहुंचने का एक साधन भी है।कर्मयोग में विवेकानंद ने यह बताया है कि स्वार्थ और फल की आसक्ति से मुक्त होकर किया गया कर्म ही सच्चा कर्मयोग है। उन्होंने इसे निष्काम कर्म का नाम दिया, जो गीता के उपदेशों पर आधारित है। उनका यह दृष्टिकोण कर्म को केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि और परमात्मा की प्राप्ति का मार्ग मानता है।इस पुस्तक में कर्मयोग को न केवल व्यक्तिगत विकास के लिए आवश्यक बताया गया है, बल्कि इसे समाज और मानवता की सेवा का माध्यम भी माना गया है। स्वामी विवेकानंद का यह संदेश कि उठो, जागो और तब तक रुको मत जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए, कर्मयोग की ही भावना को दर्शाता है। यह पुस्तक हर उस व्यक्ति के लिए मार्गदर्शक है जो जीवन में कर्म और अध्यात्म का संतुलन स्थापित करना चाहता है।

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