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Bhitar Ka Diya (भीतर का दीया)

Bhitar Ka Diya (भीतर का दीया)

Paperback

Philosophy

ISBN10: 8128807099
ISBN13: 9788128807091
Publisher: Diamond Pocket Books Pvt Ltd
Published: Nov 1 2021
Pages: 160
Weight: 0.46
Height: 0.37 Width: 5.50 Depth: 8.50
Language: Hindi
आज मनुष्य के सामने दो ही विकल्प हैं या तो एक सामहिक आत्मघात या फिर चैतन्य में एक गुणात्मक छलांग। यह आनंदपूर्ण है कि ऐसे संक्रमण-काल में विश्वभर में लाखों लोग ओशो की जीवनदृष्टि से आंदोलित हो रहे हैं और एक नए मनुष्य को, एक नए विश्व को जन्म देने के लिए तैयार हो गये हैं। ओशो के क्रांतिकारी संदेश का स्रोत सत्य का उनका अपना अनुभव है। यह संदेश उन पंडितों की तोता-रटंत नहीं है, जो अज्ञात के रहस्यों में प्रवेश करने के भय से शास्त्रों के वचन ओढ़ लेते हैं। ओशो के शब्द उनके अपने जिए हुए अनुभव से ओतप्रोत हैं। ये आग्नेय वचन एक जीवंत बुद्ध के सत्य से सिक्त हैं। यदि आप खुले हृदय से इन्हें पढ़ें तो ये वचन आपको आलोकित कर सकते हैं। सावधान-इस पुरतक को खोलने वाला व्यक्ति शायद इसे बंद करते समय वही न रहे, जो वह खोलते समय था। याद रखें, सत्य की अग्नि इस क्षण के पार, जीवन का कोई वचन नहीं देती।

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